मेरे गाँव में देश प्रसिद्ध कुबेर नाथ मंदिर , मेहदावल ,संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश, हिंदुस्थान (भारत / इंडिया)
🕉🚩मेरे गाँव में देश प्रसिद्ध कुबेर नाथ मंदिर, मेहदावल , संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश, हिंदुस्थान (भारत / इंडिया) 💐🙏
मेहदावल कुबेर नाथ मंदिर का विहंगम दृश्यसंतकबीरनगर : मेहदावल क्षेत्र स्थित शिव मंदिर सैकड़ो वर्षो से भक्तों के आस्था और विश्वास के केंद्र बने हुए हैं। कुबेर नाथ मंदिर पर महाशिवरात्रि को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है तो वहीं सावन में यहां हर दिन रुद्राभिषेक के लिए लोग आते हैं। कस्बे के छोर पर स्थित पक्का पोखरा और यहां का पंचमुखी शिव मंदिर क्षेत्रीय भक्तों के आस्था और विश्वास का केन्द्र है। यहां एक दिन के हल्दी व सोंठ के मुनाफे से मंदिर तथा पोखरे का निर्माण लगभग दो सौ वर्ष पहले हुआ था। पक्के पोखरे के निर्माण और शिवलिंग की स्थापना के बारे में प्रचलित किंवदंतियों के अनुसार आज से लगभग दो सौ वर्ष पहले नेपाल से हल्दी और सोंठ लादकर व्यापारियों का समूह आया था। उस समय मेंहदावल की व्यापारिक पहचान पूरे प्रदेश में थी यहां विशेषकर हल्दी और सोंठ के साथ नील का कारोबार चरम पर था। उक्त व्यापारियों का माल मन्दी के कारण बिक नहीं सका और वे उदास होकर वापस जा रहे थे। आज जहां पोखरा और मंदिर वहीं पर नेपाल के व्यापारी रूके हुए थे कस्बे के नामचीन बर्तन व्यापारी रामधन साहू सुबह के समय टहलने गए थे। इसी दौरान एक व्यापारी से उन्होंने पूछा कि वे लोग दो दिनों से यहीं पर क्यों रुके पड़े हैं तो उनमें से एक ने व्यंग किया कि हमने तो यहां एक बड़ा बाजार समझकर माल पहुंचाया था परंतु यहां तो सभी फुटकर के व्यापारी हैं। यह बात उन्हें लग गई और उन्होंने पूरे माल का दाम बताने को कहा और वहीं पर रुककर घर से रुपया मंगाकर खरीद लिया। एक सप्ताह बाद ही हल्दी व सोंठ के दामों में तेजी हो गई और उससे होने वाले मुनाफे से उन्होंने भव्य मंदिर और पोखरे का निर्माण करवाया।
मंदिर में उन्होंने शिव जी का पंचमुखी लिंग स्थापित करवाया। यहां के पंचमुखी महादेव क्षेत्रीय नागरिकों के लिए आस्था व विश्वास केंद्र है। रामधन साहू के परिवारीजन अपने परिवार के गौरवशाली अतीत को लेकर गौरवान्वित महसूस करते हैं। हर साल नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है। वर्तमान मंदिर का प्रबंधन गोरखनाथ के अधीन है। महाशिवरात्रि और सावन माह मे यहां जलाभिषेक के लिए लोग भारी संख्या में आते हैं। कुबेरनाथ मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना है यहां बांस की खूंटी से शिवलिंग स्वयं निकला था। स्थानीय व्यापारियों ने यहां पर भी भव्य मंदिर और पोखरे का निर्माण करवाया था। उक्त मंदिर लगभग आठ वर्ष पहले ध्वस्त हो गया था जिसका पुन: निर्माण करवाया गया है। वर्तमान में कुबेरनाथ मंदिर क्षेत्र निवासियों के साथ ही संतकबीरनगर जनपद में भी काफी लोकप्रिय है। पूरे साल यहां रुद्राभिषेक आदि का कार्यक्रम होता रहता है।
Santoshkumar B Pandey at 3.40PM.














Sabbas ,Bahut Acchi Jankari ..🙏🙏
ReplyDeleteJai Shri Ramji, Dhanywad 💐🙏
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